हिमपातग्रस्त क्षेत्रों में जनगणना 2027 का खास चरण चल रहा है!
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फ से ढके और दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में घर-घर जाकर जनसंख्या गणना 1 से 30 सितंबर 2026 तक की जा रही है।ये इलाके बाकी भारत से अलग समय पर गिने जा रहे हैं क्योंकि सर्दी और भारी बर्फबारी के कारण फरवरी 2027 में काम करना लगभग असंभव हो जाता है।
क्यों खास है ये चरण?
- पूरा शेड्यूल: 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक घर-घर गणना
- रेफरेंस डेट: 1 अक्टूबर 2026 (रात 12 बजे)
- पहले 17 से 31 अगस्त तक सेल्फ-एन्युमरेशन (ऑनलाइन फॉर्म भरने) का विकल्प भी दिया गया था
- पहली बार इन क्षेत्रों में डिजिटल जनगणना के साथ जाति की भी जानकारी ली जा रही है
किन-किन क्षेत्रों में हो रही है गणना?
- पूरा लद्दाख
- जम्मू-कश्मीर के बर्फ से प्रभावित इलाके
- हिमाचल प्रदेश के उच्च पहाड़ी और बर्फीले गांव
- उत्तराखंड के दुर्गम हिमपातग्रस्त क्षेत्रइन इलाकों के लोग अब घर बैठे सही जानकारी देकर देश की सबसे बड़ी जनगणना में हिस्सा ले सकते हैं।

आम लोगों के लिए जरूरी बातें
- प्रगणक (Enumerator) आपके घर आएंगे – सही जानकारी दें
- मोबाइल नंबर और परिवार की डिटेल्स तैयार रखें
- कोई भी व्यक्तिगत जानकारी गलत न दें
- आधिकारिक जानकारी सिर्फ censusindia.gov.in पर ही देखें
अभी भी समय है! अगर आप इन क्षेत्रों में रहते हैं तो प्रगणक का स्वागत करें और सही आंकड़े दें। ये आंकड़े भविष्य की योजनाओं, योजनाओं और विकास के लिए बहुत जरूरी हैं।आधिकारिक वेबसाइट: censusindia.gov.in

